मक्का मस्जिद मामले में सीबीआई ने सबसे पहले 2010 में आसीमानंद को गिफ्तार किया था लेकिन 2017 में उन्हें जमानत मिल गई थी। इस केस के एक आरोपी सुनील जोशी की जांच के दौरान कर दी गई थी और दो और आरोपियों संदीप वी डांगे, रामचंद्र कलसंग्रा के बारे में मीडिया रिपोर्टस में दावा किया गया है कि उनकी भी हत्या कर दी गई है। इससे पहले एनआईए मामलों की चतुर्थ अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन सत्र सह विशेष अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली है और पिछले हफ्ते फैसले की सुनवाई आज तक के लिए टाल दी थी।
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