1993 में महाभियोग प्रक्रिया का सामना करने वाले पहले जस्टिस वी रमास्वामी थी। उनपर 1990 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश रहते हुए सरकारी घर पर अनुचित खर्च का आरोप था। लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव पेश हुआ, लेकिन दो तिहाई बहुमत नहीं मिलने से यह खारिज हो गया।
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