शिल्पी आसाराम के मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा आश्रम की वॉर्डन थी। शिल्पी की कॉल डिटेल्स से सामने आया था कि वो आसाराम के लिए लड़कियों को प्रबंधन कराती थी। वह लड़कियों को बहला-फुसलाकर आसाराम के पास जाने के लिए मजबूर कर देती थी। शिल्पी ने ही पीड़िता के परिवार को ये कहा था कि उनकी बेटी पर किसी आत्मा का साया है, भूत-प्रेत उतारने के लिए वो अपनी बेटी को आसाराम के आश्रम में भेज थे। शिल्पी की बातों में आकर बेटी माता पितान ने उसे आसाराम के पास भेज दिया। जिसके बाद नाबालिग ने आसाराम पर उसके साथ रेप करने का आरोप लगाया था।
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