कोयला घोटाला मे गोंडवाना इस्पात कंपनी के डायरेक्टर अशोक डागा को 4 साल की कैद 1 करोड़ रुपये जुर्माना
(DELHI, DELHI) दिल्ली की एक विशेष अदालत ने गोंडवाना इस्पात लिमिटेड के निदेशक अशोक डागा को 4 साल की सजा सुनाई है। डागा पर 1 करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। अशोक डागा को 27 अप्रैल को यूपीए के शासनकाल में महाराष्ट्र में माजरा कोयला ब्लॉक का आवंटन अपने पक्ष में कराने के लिए धोखाधड़ी करने और आपराधिक साजिश रचने के लिये दोषी करार दिया गया था।सीबीआई अदालत ने डागा और कंपनी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी पाया। इस कोयला खदान के आवंटन को सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में रद्द कर दिया था।

सीबीआई ने आरोप-पत्र में आरोप लगाया था कि जांच के दौरान पाया गया कि डागा ने लौह अयस्क के संबंध में ओडिशा सरकार के साथ समझौते और वित्तीय तैयारी को लेकर भी अप्रमाणित दावे किए थे। इसमें आरोप लगाया कि उस वक्त कोयला मंत्रालय किसी आवेदक कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई गलत जानकारी को जांचने के लिए किसी तरह की प्रणाली का पालन नहीं करता था। इसी को दे्खते हुए जीआईएल और डागा ने सरकार के विभिन्न अधिकारियों को गलत जानकारी दी और माजरा कोयला ब्लॉक को उनके लिए सुरक्षित रखने या उन्हें आवंटित करने के लिए तैयार कर लिया।
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