इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों से ये भी कहा कि वे ट्रायल कोर्ट को निर्देश दें कि पॉक्सो एक्ट के मामलों के मुकदमे के दौरान अनावश्यक स्थगन न दिया जाए।बेंच में शामिल जस्टिस ए.एम. खानविलकर और जस्टिस डी.वाई. चन्द्रचूड़ ने कहा कि उच्च न्यायालय तीन न्यायाधीशों की एक समिति का गठन कर सकते हैं ताकि वे बच्चों के यौन हमले के मामलों का नियमन और निगरानी कर सकें। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को वकील अलख आलोक श्रीवास्तव द्वारा दायर पीआईएल पर सुनवाई कर रही थी।
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