सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही मोबाइल नंबरों को आधार से जोड़ने को अनिवार्य बनाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठा चुकी है। लोकनीति फाउंडेशन द्वारा दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जब तक कोर्ट इस मामले पर कोई आखिरी फैसला नहीं ले लेता है तब तक सिम कार्ड के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है।
आधार मामले से न सिर्फ स्थानीय निवासी प्रभावित हुए थे बल्कि एनआरआई और देश आने वाले विदेशियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। चूंकि उनमें से ज्यादातर लोगों के पास आधार कार्ड नहीं होते हैं, मोबाइल कंपनियों के रिटेलर्स ने उनको सिम कार्ड बेचना बंद कर दिया था।
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