2016 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने एक कानून पारित किया था जिसके तहत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सारी जिंदगी सरकारी बंगले में रह सकते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस कानून को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐक्ट का सेक्शन 4(3) असंवैधानिक है।
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