उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा और नुरपुर विधानसभा सीटें उसके प्रतिष्ठा की लड़ाई थी। लेकिन विपक्ष की घेराबंदी ने भाजपा को कामयाब नहीं होने दिया। कैराना लोकसभा सीट पर जाट और मुस्लिमों के वोट की जुगलबंदी के लिए विपक्ष ने जो दांव चला उसमें भाजपा चित्त हो गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आम चुनावों से पूर्व हुए जाट-मुस्लिम दंगों के बाद सपा ने मुस्लिम उम्मीदवार को जिस प्रकार रालोद के टिकट पर चुनाव मैदान में उतार कर दोनों वर्गों के मत हासिल कर भाजपा को धूल चटाई वह विपक्ष की एक और नई रणनीति को दर्शाता है। इसी प्रकार महाराष्ट्र की भंडारा-गोंदिया सीट पर विपक्षी एकजुटता ने भाजपा को हराया। गोरखपुर-फूलपुर कर्नाटक के बाद कैराना में विपक्ष की लगातार तीसरी रणनीति सफल रही है।
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