पुलवामा में मिले तीन बैग्सं
घाटी में चप्पेल-चप्पेल पर सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं। इस बीच पुलवामा में सुरक्षाबलों को सर्च ऑपरेशन में संदिग्धी आईईडी वाले तीन बैग्स मिले हैं। बैग्स उस समय मिले जब आतंकियों ने 183 सीआरपीएफ बटालियन की गाड़ी पर फायरिंग की। गाड़ी पर उस समय फायरिंग हुई जब यह पुलवामा में ईदगाह की तरफ जा रही थी। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है। बुधवार को भारत और पाकिस्तादन के डायरेक्टफर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) की हॉटलाइन पर बात हुई थी। इसके बाद दोनों देश एलओसी पर सीजफायर लागू करने के लिए राजी हुए। लेकिन इसका कोई फायदा नजर नहीं आया क्यों कि कुछ ही देर बाद पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों की एक पार्टी पर आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया। विशेषज्ञ मानते हैं कि सीजफायर वॉयलेशन या गोलीबारी पाकिस्ता न का वह जरिया है जिससे वह आतंकियों को कवर अप देता है। घुसपैठ में भले कमी आ सकती है मगर घाटी में हिजबुल मुजाहिद्दीन और लश्कवर-ए-तैयबा के इतने लोकल आतंकी पहले ये मौजूद हैं कि वे सुरक्षाबलों को चैन की सांस लेने ही नहीं देंगे।
1100 बार तोड़ा गया युद्ध विराम पाकिस्ताबन की ओर से एलओसी और बॉर्डर पर अब तक 1100 बार युद्धविराम तोड़ा जा चुका है। साल 1949 में भारत और पाकिस्ताकन की ओर से कराची समझौता हुआ और दोनों देशों में सीजफायर पर नजर रखने के लिए यूनाइटेड नेशंस के प्रतिनिधियों को नियुक्तर किया गया। इसके बाद कारगिल युद्ध के चार वर्ष बाद यानी साल 2003 में दोनों देशों ने फिर से युद्धविराम समझौते पर साइन किए जिसे साल 2008 तक माना गया। साल 2011 में बड़े पैमाने पर युद्धविराम को तोड़ने की शुरुआत पाकिस्ता8न की तरफ से हो गई।
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