लालू यादव की विरासत संभालने में बेटे कामयाब रहे
(BIHAR, BIHAR) जोकीहाट उपचुनाव से बिहार के राजनीतिक तामपान में तात्कालिक रूप से जो गर्मी दिख रही हो, पर यह परिणाम करीब-करीब प्रत्याशित था। सिर्फ हार-जीत के अंतर को लेकर लोगों में उत्सुकता थी। बदले राजनीतिक गठबंधन में इसकी गांठों की भी पड़ताल इस बहाने होनी थी। परिणाम के बाद जहां विपक्ष का मनोबल ऊंचा हुआ है वहीं एनडीए खेमे की ओर से महज यह एक उपचुनाव था, जैसी प्रतिक्रिया आ रही है। वैसे एक बात साफ हुई कि इस इलाके में तस्लीमुद्दीन का जादू बरकरार है। जदयू की जीत का क्रम यहां टूट गया। भाजपा के साथ आने के बाद जहानाबाद के बाद यह दूसरा उपचुनाव है, जहां जदयू अपनी सीट बचा नहीं पाया।

जोकीहाट उपचुनाव जदयू के पूर्व विधायक सरफराज आलम के इस्तीफे की वजह से हुआ था। सरफराज अपने पिता तस्लीमुद्दीन के निधन से खाली हुई अररिया लोकसभा सीट से बतौर राजद प्रत्याशी मैदान में उतरे और उन्होंने पिता की विरासत को संभालते हुए जीत पाई। भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार सिंह को करीब 62 हजार से उन्होंने मात दी थी।
DISCLAIMER:

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।