बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति ने आरएसएस के हेडक्वॉर्टर पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम के समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आने का न्योता स्वीकार कर लिया है। इसे लेकर कई कांग्रेस नेता विरोध कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा 'मुखर्जी का आरएसएस का आमंत्रण स्वीकार करना एक अच्छी पहल है। राजनीतिक छुआछूत अच्छी बात नहीं है।
मुखर्जी नागपुर में 7 जून को आरएसएस के उन स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे, जिन्होंने संघ के शैक्षिक पाठ्यक्रम का तृतीय शिक्षा वर्ग पास किया है। इस ट्रेनिंग में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर कार्यकर्ता पूर्णकालिक प्रचारक बनते हैं। सूत्रों के मुताबिक आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मुखर्जी को तब भी न्योता दिया था जब वह राष्ट्रपति थे। हालांकि मुखर्जी ने तब यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि संवैधानिक पद पर रहते हुए वह इस आयोजन में शामिल नहीं हो सकते हैं।
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