पाकिस्ता से 2 साल बाद वार्ता के आसार, पढ़ें कब-कब रिश्तों में आए उतार-चढ़ाव
(DELHI, DELHI) सितंबर 2016 में उड़ी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच ठप हुई द्विपक्षीय बातचीत फिर से शुरू होने के आसार बन रहे हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की बातचीत की पहल की जा सकती है। हालांकि यह सब सीमा पर संघर्ष विराम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
पाकिस्तान की पहल पर दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम समझौता लागू होने बाद भारत सरकार की तरफ से वार्ता शुरू करने के संकेत देने को काफी अहम माना जा रहा है। मालूम हो कि केंद्र सरकार द्वारा रमजान के महीने में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों के ऑपरेशन निलंबित रखे जाने के कुछ समय बाद 29 मई को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच 2003 का संघर्ष विराम समझौता प्रभावी तरीके से लागू करने पर सहमति बनी थी। इसकी पहल पाकिस्तान की तरफ से ही की गई। पाक सेना के अनुरोध को भारतीय सेना ने स्वीकार किया।
संघर्ष विराम समझौते के तहत दोनों सेनाएं नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं करने पर सहमत हुई हैं। यदि किसी पक्ष की तरफ से कोई गड़बड़ी होती है तो इसे हॉटलाइन पर बातचीत या कमांडर स्तर पर होने वाली बॉर्डर फ्लैग मीटिंग के जरिए सुलझाया जाएगा। इसके बाद पिछले तीन दिनों से फायरिंग बंद है। इस बीच, केंद्र सरकार के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि यदि यह संघर्षविराम कारगर रहता है तो आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।
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