मोदी ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान लाभार्थियों का चयन बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) सूची के जरिए होता था। हमने सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना के आधार पर सलेक्शन शुरू किया। इससे वो लाभार्थी भी सूची में शामिल हो गए, जो पहले वंचित थे।
पीएम ने कहा, एक जिंदगी बीत जाती है, अपना घर बनाने में। पर अब ये सरकार दूसरी है और कहावत बदल रही है। अब कहावत होगी- अब जिंदगी बीतती है अपने ही आशियाने में। अगर आपसे इस योजना के लिए कोई पैसा मांगे तो इसकी फौरन शिकायत करें। भारत के सपने और आकांक्षाएं इतने से ही पूरे नहीं होंगे। सब के लिए घर, सबके लिए बीमा, सबके लिए बिजली, सबके लिए और इसीलिए इतने बड़े तादाद में भाईयों और बहनों से जुड़ने का मौका मिला है।
पीएम मोदी ने इससे पहले 28 मई को नमो ऐप के जरिए उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से बातचीत की थी। इसके बाद, 29 मई को मुद्रा योजना के लाभार्थियों से उनके अनुभव शेयर किए। इसके बाद स्किल इंडिया के लाभार्थियों से बात की।
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