केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी कर साफ तौर पर कहा कि ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का फैसला जिस दिन से लागू हुआ, उसी दिन से कर्मचारियों को दी जाएगी। जबकि कर्मचारियों का कहना था कि यह प्रावधान सातवें वेतना आयोग का हिस्सा था जिस कारण यह भी 1 जनवरी 2016 से ही मिलनी चाहिए।
सातवें वेतन आयोग का लाभ केंद्रीय कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से ही मिला था।लेकिन ग्रैच्युटी से जुड़ा बिल संसद में इस साल मार्च के अंतिम सप्ताह में पास हुआ।इसका अर्थ यह है कि एक जनवरी 2016 से लेकर 28 मार्च 2018 तक रिटायर हुए कर्मचारियों को पुराने दर से ही ग्रैच्युटी दी गयी।कमिटी की रिपोर्ट के बाद सरकार ने कहा कि इसका लाभ पुराने डेट से नहीं दिया जाएगा।
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