इनसाइड स्टोरी,अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच राहुल गांधी ने कैसे बैठाया तालमेल
(Rajasthan, India) कांग्रेस ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को डिप्टी सीएम बनाया है। इसके अलावा 41 वर्षीय पायलट लोकसभा चुनाव तक प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बने रहेंगे।
इस पूरे मामले से जानकारी रखने वाले एक कांग्रेस नेता ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि कांग्रेस पार्टी में एक वर्ग अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत कर रहा था तो दूसरा सचिन पायलट को कमान दिए जाने के पक्ष में था। एक सेक्शन का मानना था कि जिस तरह से पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया और मध्य प्रदेश में कमलनाथ को कमान दी गई, उसी तरह से राजस्थान में भी सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जाए।
सचिन पायलट के समर्थन में यह भी कहा गया कि जनवरी 2014 के बाद राजस्थान के कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद उन्होंने काफी मेहनत की और पार्टी को वापस खड़ा किया। जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था और 200 सीटों में सिर्फ 21 सीटें ही आई थीं।
पायलट के पक्ष में कांग्रेसी नेताओं का कहना था कि पार्टी ने सचिन पायलट के अध्यक्ष रहते हुए पंचायत और सिविक बॉडी चुनावों में अच्छा प्रर्दशन किया। इसके अलावा लोकसभा के अलवर और अजमेर उपचुनाव में भी कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की। वहीं, एक धड़ा ऐसा भी था, जो मानता था कि पार्टी नेतृत्व दो बार के मुख्यमंत्री और अनुभव रखने वाले अशोक गहलोत को राजस्थान की कमान सौंपे। इसके पीछे तर्क दिया गया कि साल 2009 के लोकसभा चुनाव में गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस ने राजस्थान से 20 सीटें जीती थीं।
इसके अलावा कहा गया कि माली समुदाय जोकि ओबीसी वर्ग के अंदर आता है, अशोक गहलोत उसी समुदाय से हैं। ऐसे में राज्‍य के सभी वर्ग उन्हें स्वीकार्य करेंगे। बीते दो दिनों में राहुल गांधी ने सचिन पायलट और अशोक गहलोत से अलग अलग बैठक की। इसके बाद राहुल गांधी ने दोनों नेताओं को शुक्रवार को अपने आवास पर बुलाया और बातचीत की। इसके बाद सचिन पायलट डिप्टी सीएम बनने के लिए राजी हो गए।

Author: JAN TV Editorial Team

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