ऑपरेशन सिंदूर- रक्षा बजट में 50 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि संभव
(India) ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में रक्षा बजट में 50,000 करोड़ रुपये की वृद्धि की संभावना पर चर्चा करते समय यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा या बजट में ऐसी वृद्धि की पुष्टि नहीं हुई है। हालाँकि, भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की है। साथ ही साथ रक्षा मंत्रालय ने सरकार को धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे नवंबर-दिसंबर में संसद के शीतकालीन सत्र में मंजूरी मिल सकती है। इससे कुल रक्षा बजट 7 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा हो जाएगा। यह वृद्धि अनुसंधान और विकास, हथियारों, गोला-बारूद और अत्याधुनिक तकनीक की खरीद पर केंद्रित होगी।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष के 6.22 लाख करोड़ रुपये से 9.2% अधिक है। ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में, प्रमुख आवंटन निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित हैं, जिसमें रक्षा बजट में 50,000 करोड़ रुपये की प्रस्तावित वृद्धि शामिल है:

अनुसंधान और विकास (आरएंडडी): स्वदेशी हथियारों और उन्नत प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से ड्रोन, साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास के लिए निवेश में वृद्धि।

हथियार और गोला-बारूद: ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियानों के लिए मिसाइल सिस्टम, सटीक-निर्देशित हथियार और गोला-बारूद की खरीद।

आधुनिकीकरण: सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए अत्याधुनिक उपकरण, जैसे लड़ाकू जेट, पनडुब्बी और हेलीकॉप्टर।

सीमा सुरक्षा और बुनियादी ढाँचा: जम्मू और कश्मीर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सीमा निगरानी प्रणाली, सड़कों और सैन्य चौकियों का विकास।

आतंकवाद विरोधी अभियान: ऑपरेशन सिंदूर जैसे लक्षित अभियानों के लिए खुफिया तंत्र और विशेष बलों की क्षमता बढ़ाने पर जोर।

Author: JAN TV Editorial Team

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