जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिबंध पर निराशा जताई और कहा कि लोगों पर भरोसा किया जाना चाहिए। पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए इसे गलत और शर्मनाक बताया। प्रशासन ने इन प्रतिबंधों के लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन अतीत में कानून और व्यवस्था की चिंताओं का हवाला दिया गया है, खासकर 2016 में बुरहान वानी की मौत और 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद।
हालांकि, हज़रतबल दरगाह सहित कश्मीर घाटी में अन्य मस्जिदों और दरगाहों पर बिना किसी रुकावट के ईद की नमाज़ अदा की गई।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।