लोकसभा चुनाव 2024 में शिवसेना यूबीटी ने 20 सीटें जीती थीं, लेकिन मनसे पूरी तरह खाली हाथ रही। निकाय चुनाव खासकर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के पहले यह एकजुटता उनके लिए राजनीतिक ताकत दिखाने का मंच बन सकती है।
इस मौके पर कोई पार्टी झंडा, चुनाव चिह्न या झंडा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, लेकिन इस एकता का राजनीतिक संदेश साफ है। दोनों ठाकरे भाई आखिरी बार 2005 में मालवण उपचुनाव के दौरान एक साथ मंच पर आए थे। उसी साल राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़कर 2006 में अपनी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बनाई थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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