सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की, “यदि आप एक सच्चे भारतीय होते, तो ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देते। देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ी बातें राजनीतिक फायदे के लिए नहीं कही जानी चाहिए।” कोर्ट ने कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बोलने से पहले नेताओं को तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए।
राहुल गांधी के इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार पहले ही उनके इस बयान को भ्रामक और राष्ट्रविरोधी बता चुकी है। अब कोर्ट द्वारा इस पर सवाल उठाए जाने से मामला और गंभीर हो गया है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई में राहुल गांधी से जवाब दाखिल करने को कहा है, जिसमें उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने यह दावा किन स्रोतों के आधार पर किया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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