प्रियंका गांधी के बयानों पर गरमाई सियासत, बीजेपी सांसद मनन मिश्रा करेंगे अवमानना याचिका दायर
(India) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मामला उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि प्रियंका ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से जो वक्तव्य दिए हैं, वे न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हैं और न्यायालय की मंशा को बिना समझे गैर-जिम्मेदाराना तरीके से टिप्पणियां की गई हैं।
मिश्रा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि वे इस मामले में अवमानना याचिका दाखिल करने जा रहे हैं, जो देशभर के वकीलों और बार काउंसिल की ओर से प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान न केवल अदालत की गरिमा के विरुद्ध हैं बल्कि जनता की भावना को भी ठेस पहुंचाते हैं।
->मामला क्या है?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की 2022 की एक टिप्पणी पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा किया है। अदालत ने राहुल गांधी से इस दावे के पीछे के प्रमाण मांगे और पूछा कि उनके पास यह जानकारी कहां से आई।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने तीखा रुख अपनाते हुए टिप्पणी की कि “कोई सच्चा भारतीय ऐसी बात नहीं करेगा।”
->प्रियंका गांधी का पलटवार
राहुल गांधी के समर्थन में प्रियंका गांधी ने बयान दिया था कि "यह तय करना न्यायालय का काम नहीं है कि कौन सच्चा भारतीय है। विपक्ष का दायित्व है कि वह सरकार से कठिन सवाल पूछे।" उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई सेना का अत्यधिक सम्मान करते हैं और उन पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह भ्रामक हैं।
प्रियंका ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है और यह लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को दबाने का प्रयास है।
->पृष्ठभूमि
16 दिसंबर 2022 को 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा था कि मीडिया वास्तविक मुद्दों से भटक रही है और सरकार से अहम सवाल नहीं पूछ रही, खासकर चीन के सीमा क्षेत्र में गतिविधियों को लेकर।
->निष्कर्ष
बीजेपी सांसद मिश्रा का कहना है कि प्रियंका गांधी के बयान अदालत की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार हैं और उन्हें इसकी गंभीरता समझनी चाहिए थी। देश में अब इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज होती दिख रही है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।