इस मीटिंग को लेकर पहले ही अटकलें तेज थीं कि इसमें यूक्रेन युद्ध, नाटो विस्तार और वैश्विक शक्ति संतुलन जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हो सकती है। लेकिन परिणामस्वरूप आई खामोशी ने सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या कुछ ऐसा तय हुआ है जिसे सार्वजनिक नहीं किया गया?
विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों नेता किसी संभावित 'बैक चैनल' बातचीत की शुरुआत कर सकते हैं, या फिर यह केवल शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा था।
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की 18 अगस्त को अमेरिका दौरे पर पहुंचने वाले हैं। यह समय बेहद अहम है—क्या ये दौरा ट्रंप-पुतिन मीटिंग से जुड़ा है? या फिर कोई नई रणनीति बन रही है?
अब सबकी निगाहें वॉशिंगटन और कीव पर टिकी हैं… और इस मुलाकात के ‘बिना बयान’ का मतलब जल्द ही साफ हो सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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