रिजिजू ने कहा कि जब कोई कानून संसद में चर्चा और बहस के बाद पारित होता है, तो उसे पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के जरिए स्पष्ट किया है कि संसद द्वारा बनाए गए कानूनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश:
अदालत ने वक्फ अधिनियम की कुछ विवादित धाराओं, जैसे कि "केवल पिछले पाँच सालों से इस्लाम धर्म का पालन करने वाले ही वक्फ कर सकते हैं", पर फिलहाल रोक लगा दी है।
हालांकि अधिनियम के अन्य प्रावधान लागू रहेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी कानून की वैधता पर सवाल उठाने वाले पक्ष को यह साबित करना होगा कि वह संविधान का उल्लंघन करता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया: विपक्षी दलों ने इस कानून पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके कुछ प्रावधान धार्मिक स्वतंत्रता और संपत्ति अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि यह कदम वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
रिजिजू का बयान: रिजिजू ने कहा कि सरकार ने अदालत में अधिनियम की मंशा और उद्देश्य को स्पष्ट किया था और सुप्रीम कोर्ट ने संसद की भूमिका को मान्यता देकर सही दिशा में संदेश दिया है। उन्होंने इसे न्यायपालिका और संसद के बीच संतुलन का उदाहरण बताया।
Author: JAN TV Editorial Team
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