हिंदी ही नहीं, बल्कि मराठी, बंगाली और कई भारतीय भाषाओं में गाए उनके गीत आज भी हर दिल को छू लेते हैं। “आएगा आने वाला”, “लग जा गले”, “अजीब दास्तां है ये” और देशभक्ति गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों” आज भी हर पीढ़ी की जुबां पर हैं। अपने सात दशक लंबे करियर में लता जी ने 30 से ज्यादा भाषाओं में हज़ारों गीत गाए।
भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और 2001 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। लता मंगेशकर केवल एक गायिका नहीं थीं, वे एक युग थीं।
आज उनकी जयंती पर पूरा देश उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है और उनके अमर गीतों को याद कर रहा है। लता जी की आवाज़ भले ही अब हमारे बीच न गूंजे, लेकिन उनका संगीत हमेशा जिंदा रहेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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