ये ट्रायल दक्षिण चीन के गुआंगडोंग प्रांत के गुआंगझोउ शहर में स्थित दुनिया की पहली स्मार्ट फ्लाइंग कार फैक्ट्री में चल रहा है। यह फैक्ट्री करीब 1,20,000 वर्ग मीटर में फैली है और यहां से पहला ‘लैंड एयरक्राफ्ट कैरियर’ मॉडल तैयार होकर निकल चुका है।
>क्या है खास इस फ्लाइंग कार में?
यह कार सिर्फ दिखने में नहीं, बल्कि तकनीक में भी अनोखी है। इसमें डिटैचेबल (अलग होने वाला) इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट सिस्टम है, यानी ज़रूरत पड़ने पर कार सड़क से आसमान में उड़ सकती है। इसे शहरी ट्रैफिक की समस्या को हल करने के लिए डिजाइन किया गया है।
>चीन ने बनाई बढ़त
जहां अमेरिका की टेस्ला और अन्य कंपनियां अभी सिर्फ उड़ने वाली कारों के कॉन्सेप्ट और डिजाइन पर काम कर रही हैं, वहीं चीन ने सीधे प्रोडक्शन स्टेज तक पहुंचकर बाज़ी मार ली है। इसका मतलब है कि चीन ने एक बार फिर स्मार्ट मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक इनोवेशन के क्षेत्र में दुनिया को पीछे छोड़ दिया है।
>टेक्नोलॉजी और भविष्य की झलक
यह प्रोजेक्ट चीन की सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसपोर्ट नीति का हिस्सा है। इसमें AI कंट्रोल सिस्टम, स्मार्ट नेविगेशन टेक्नोलॉजी, और 360° सेफ्टी सेंसर शामिल हैं।
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो आने वाले वर्षों में चीन के बड़े शहरों में ये फ्लाइंग कारें कमर्शियल उपयोग में दिखाई देने लगेंगी।
>क्यों है ये खबर बड़ी?
-चीन ने ‘फ्लाइंग कार’ को सिर्फ सपना नहीं, हकीकत बनाना शुरू कर दिया है।
-यह ट्रांसपोर्ट सेक्टर में “नए युग की शुरुआत” मानी जा रही है।
-इससे भविष्य में जमीनी ट्रैफिक कम हो सकता है और शहरों में यात्रा का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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