छात्रों के विरोध प्रदर्शन और नेताओं की बढ़ती आलोचना के बीच शिक्षा मंत्रालय ने दोनों निकायों के पुनर्गठन और पुनर्संरचना को अधिसूचित करने वाले अपने आदेश को वापस ले लिया, लेकिन छात्रों ने अपना आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार और मंगलवार को छुट्टियों की घोषणा कर दी है और केवल विश्वविद्यालय के पहचान पत्र धारकों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति है।
छात्र नेता अभिषेक डागर ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होगा और ये सीनेट चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने तक जारी रहेगा।
आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और किसान संगठनों के कई नेताओं और कलाकारों ने प्रदर्शनकारी छात्रों को अपना समर्थन दिया है।
पंजाब के मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा, कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी और अमर सिंह, कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने रविवार को छात्रों को अपना समर्थन दिया।
केंद्र की अधिसूचना से पंजाब विश्वविद्यालय अधिनियम, 1947 में संशोधन किया गया है, जिसके तहत सर्वोच्च शासी निकाय सीनेट की सदस्य संख्या 91 से घटाकर 31 कर दी गई तथा इसके कार्यकारी निकाय सिंडिकेट के लिए चुनाव की आवश्यकता खत्म कर दी गई।
Source: PTI
Author: JAN TV Editorial Team
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