एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। आसमान में उड़ रहे विमानों के बीच दूरी बढ़ाई गई और पायलट को सुरक्षित दिशा-निर्देश दिए गए। इस सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रारंभिक जांच में संदेह जताया जा रहा है कि यह GPS सिग्नल में जानबूझकर की गई इंटरफेरेंस (छेड़छाड़) का मामला हो सकता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और सुरक्षा एजेंसियां इस घटना की जांच कर रही हैं।
फिलहाल सभी विमानन अधिकारियों को GPS सिस्टम की निगरानी बढ़ाने और पायलटों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना एयरपोर्ट सुरक्षा और विमानन तकनीक की विश्वसनीयता पर नए सवाल खड़े करती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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