19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के गोंदूर गांव में जन्मे राम सुतार ने मुंबई के जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट से शिक्षा प्राप्त की और स्वर्ण पदक हासिल किया। संसद परिसर में महात्मा गांधी की ध्यानमग्न प्रतिमा, छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारूढ़ मूर्ति और सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसी कृतियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
राम सुतार को उनके असाधारण योगदान के लिए पद्म श्री, पद्म भूषण और महाराष्ट्र भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। उनके निधन से भारतीय कला और संस्कृति को अपूरणीय क्षति पहुंची है। उनकी बनाई प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और गौरव का प्रतीक बनी रहेंगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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