मंत्री बेढम ने अरावली की नई परिभाषा को लेकर उठे सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय का उद्देश्य अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाना और वैज्ञानिक तरीके से पहाड़ों का प्रबंधन करना है, न कि अरावली के अस्तित्व को खतरे में डालना। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार नियमों के तहत संतुलित विकास की राह पर चल रही है।
वहीं, विपक्ष के नेता टीकाराम जुली ने अरावली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अरावली संरक्षण को लेकर जिलों में जागरूकता अभियान चलाएगी और 27 दिसंबर से अलवर में इसकी शुरुआत होगी। जुली ने आरोप लगाया कि सरकारी फैसलों से अरावली के पर्यावरण और धार्मिक स्थलों पर असर पड़ सकता है, और इसी के विरोध में कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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