वहीं आध्यात्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर ने बीसीसीआई के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की खबरों के बीच वहां के खिलाड़ी का आईपीएल खेलना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने केकेआर की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम हिंदुओं के साथ खड़ी नजर नहीं आती। भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने इसे जनभावनाओं से जुड़ा फैसला बताया और इसे मोदी सरकार के माहौल से जोड़कर देखा।
भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि ऐसे हालात में बीसीसीआई का फैसला सही और समयोचित है। दूसरी ओर कांग्रेस नेता अतुल लोंढे पाटिल ने सवाल उठाया कि जब हालात पहले से खराब थे तो खिलाड़ी को नीलामी में अनुमति कैसे दी गई। एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की निंदा करते हुए कहा कि अब आगे का फैसला शाहरुख खान को करना होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।