कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम संरक्षण के बावजूद जांच में सहयोग अनिवार्य है। राठौर को 19 जनवरी को जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है, और अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि राठौर पहले ही जांच में शामिल हो चुकी हैं, जबकि राज्य की ओर से सहयोग न मिलने का आरोप लगाया गया। इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए पोस्ट की प्रकृति पर आपत्ति जताई थी।
अलग से, सुप्रीम कोर्ट में लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई से जुड़ी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर भी सुनवाई प्रस्तावित है। जस्टिस अरविंद कुमार और पी.बी. वराले की पीठ इस मामले को सुनेगी। वांगचुक पर UAPA सहित राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई हुई है और वे वर्तमान में जोधपुर जेल में बंद हैं। अदालत इन मामलों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन के संवैधानिक पहलुओं पर विचार कर रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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