रेलवे माल ढुलाई घोटाला: बुकिंग रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े से 16.15 करोड़ की अवैध कमाई, ईडी की बड़ी कार्रवाई
(India) जयपुर में रेलवे की माल ढुलाई बुकिंग प्रणाली से जुड़े एक बड़े घोटाले का प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि उच्च माल भाड़े वाली वस्तुओं को जानबूझकर कम भाड़े की श्रेणी में दर्ज कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। इस सुनियोजित हेराफेरी के जरिए आरोपियों ने करीब 16.15 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की, जिससे भारतीय रेलवे और सरकारी खजाने को बड़ा झटका लगा।
ईडी की जांच के अनुसार, मेसर्स विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स विनायक लॉजिस्टिक्स और उनके मालिक व निदेशक प्रवेश काबरा ने लंबे समय तक संगमरमर पाउडर, अपशिष्ट संगमरमर पाउडर और डोलोमाइट जैसी अधिक भाड़े वाली सामग्रियों को फिटकरी पाउडर और पुट्टी जैसे कम भाड़े वाले माल के रूप में घोषित किया। इस फर्जीवाड़े का मकसद माल ढुलाई शुल्क और जीएसटी देनदारी को गैरकानूनी रूप से कम करना था। मामला सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर और चार्जशीट के बाद ईडी जांच के दायरे में आया।
धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए ईडी ने 2.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इनमें गुरुग्राम स्थित एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत और एक अन्य कमर्शियल प्रॉपर्टी शामिल है। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध कमाई को आरोपी के निजी बैंक खातों के जरिए संपत्तियों की खरीद और निजी खर्चों में इस्तेमाल किया गया। ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों की पहचान के लिए जांच आगे भी जारी रहेगी।

Author: JAN TV Editorial Team

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