गुप्ता इस समय राज्यसभा के सदस्य है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले में यह 24वीं प्राथमिकी (एफआईआर) है। इस मामले की पूरी जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में है। सूत्रों के अनुसार गुप्ता पिता-पुत्र के बारे में आरोप है कि उनकी कंपनी ने सरकार के समक्ष रिकार्ड में गलत तथ्य प्रस्तुत किए। कंपनी ने कहा कि उसने बिजली घरों पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए है पर कागजात की जांच से पता चला कि केवल 80 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए थे। पूर्व मंत्री गुप्ता से संपर्क नहीं हो सका क्योंकि वह किसी तीर्थयात्रा पर थे। दिल्ली में उनके घरे के लोगों ने उनका मोबाइल नंबर नहीं दिया। सीबीआई एफआईआर के अनुसार संबंधित कंपनी आईएसटी स्टील एंड पावर आईएसटी समूह की सहायक कंपनी है। इसको गुप्ता के पुत्र मयूर और गौरव चलाते हैं। आईएसटी स्टील को महाराष्ट्र में दाहेगांव :मकरधोकरा 4 कोयला प्रखंड आवंटित किया गया था। कंपनी ने कोयला खनन प्रखंड के लिए 12 जनवरी, 2007 को आवेदन किया था और उसे 17 जून, 2009 को आवंटन किया गया। गुप्ता राष्ट्रीय जनता दल में हैं। वह संप्रग-1 सरकार में कंपनी मामलों के मंत्री थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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