पति-पत्नी में वो झगड़े जिनसे दूरियां नहीं, बल्कि बढ़ता है प्यार
(India) कभी गीला तौलिया, तो कभी दोस्तों के साथ बाहर घूमने जाना ही आपसी झगड़े का कारण बन जाता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कपल के बीच चलने वाली नोकझोंक उनके बीच प्यार बढ़ाती है, लेकिन झगड़ते समय यह भी ध्यान रखें कि झगड़ा भले ही कितना भी बड़ा हो, लेकिन आपकी शादी पर इसका असर नहीं दिखना चाहिए। कुछ ऐसे ही झगड़े के बारे में हम आपको बता रहे हैं।
झगड़ा नंबर -1
बेड पर गीला तौलिया, टेबल पर जूठे बरतन जैसी हर सुबह दोहरायी जाने वाली छोटी-छोटी बातें पत्नियों को गुस्सा दिलाने के लिए काफी हैं। पहले से काम का बोझ और ऑफिस जाने में देरी होने के कारण झल्लायी पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। बस यहीं से शुरू हो जाती है घर में महाभारत और सुबह से ही दोनों का मूड खराब हो जाता है। इस तरह के झगड़े होना आम बात है, लेकिन इन झगड़ों में ध्यान रहे कि कहीं ये झगड़े ज़्यादा लंबे न हो जाएं।
क्या करें- सबसे पहले पति को खुद ही समझना चाहिए। पति के ध्यान न देने पर आप उनको प्यार से समझाएं। अगर उसके बाद भी आपका झगड़ा होता है तो आप इस झगड़े को हल्की नोंकझोंक तक ही रखें।
झगड़ा नंबर - 2
उन्हें न्यूज़ सुननी है और अगर न्यूज़ सुन चुके हैं, तो मैच देखना ज़रूरी है। फिर भले ही आपका पसंदीदा सीरियल निकल जाए। इसका उलटा भी होता है। जब आप सास-बहू सीरियल में इतनी खो जाएं कि कब ये ऑफिस से आएं, आपको पता भी नहीं चलता है। टीवी का रिमोट किसके हाथ में रहेगा, कौन-सा चैनल लगेगा, मुझे भी तो थोड़ा एंटरटेनमेंट चाहिए, जैसे मुद्दों पर लड़ते समय कपल्स के दिल में बस एक ही सवाल होता है कि आखिर कौन ज़्यादा ज़रूरी है, मैं या टीवी?
क्या करें- ऐसी छोटी-सी बात पर लड़ाई होने पर आप दोनों तय करें कि किस टाइम कौन क्या देखेगा और कौन नहीं। यह लाइफ की छोटी बात है, जिसके लिए ज़्यादा झगड़े की ज़रूरत नहीं है। टीवी दोनों के लिए ज़रूरी है, इसलिए आपसी समझदारी से इस मसले को तय कर लें।
झगड़ा नंबर -3
छुट्टी में कहां जाएं? किस जगह पर जहां खूब एडवेंचर किया जा सके या उनकी पसंद के किसी हिल स्टेशन पर जहां खर्चा कम हो? बात ‘जब मुझ पर खर्च करने की बारी आती है, तो तुम्हें हमेशा फिजूलखर्ची नज़र आती है’ से बढ़ते-बढ़ते मुझे नहीं जाना कहीं और फिर रोने-धोने तक पहुंच जाती है। मन यह सोच कर बुरी तरह से उचट जाता है कि मैं हमेशा इनकी पसंद को ज़रूरी समझती हूं, पर इनके लिए तो मेरी पसंद कोई मैटर ही नहीं करती। छुट्टी पर ऐसे ले जा रहे हैं, जैसे अहसान कर रहे हों।
क्या करें- ऐसी सोच बिल्कुल भी मन में न रखें और दोनों प्यार से बैठ कर बात करें। एक बार आप उनकी पसंद की जगह जाएं और एक बार वो आपकी पसंद की जगह जाएं।

Author: JAN TV Editorial Team

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