छात्रों का कहना है कि वजन बढ़ने से उन्हें स्कूल में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए वह स्कूल नहीं जाना चाहते हैं। सीबीएसई मनोदर्पण के राज्य काउंसलर डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि हमारे पास कई शिकायतें छात्रों और अभिभावकों की बॉडी शेमिंग से जुड़ी हुई आई हैं। हमलोग बच्चों को सलाह देते हैं कि इन टिप्पणियों से परेशान न हों। सीबीएसई स्कूल से भी इस मुद्दे पर बात होगी।
केस 1- अघोरिया बाजार इलाके के एक स्कूल में पढ़ने वाले छात्र के अभिभावक ने बताया कि उनका बच्चा कक्षा सात में पढ़ता है। नये सत्र में जब से स्कूल खुला है एक से दो दिन के बाद स्कूल जाने से इनकार कर रहा है। बहुत पूछने पर छात्रों ने बताया कि स्कूल में उसके साथी ही चिढ़ा रहे हैं। दोस्तों के चिढ़ाने से परेशान होकर वह स्कूल नहीं जाना चाहता है। इसकी शिकायत हमलोगों ने स्कूल से भी की है। स्कूल से आश्वासन मिला है कि क्लास में बच्चों को ऐसा करने से रोका जायेगा।
केस 2- मिठनपुरा इलाके के एक स्कूल में पढ़ने वाले नौवीं के छात्र ने बताया कि कोरोना में घर में रहने से उसका वजन थोड़ा बढ़ गया है। कोरोना के बाद जब नये सत्र में स्कूल खुला तो दोस्त ही उसके बढ़े वजन पर बोलने लगे। उसे बहुत खराब लगा। इसके बाद से उसे स्कूल जाने में हिचक होती है, लेकिन बोर्ड नजदीक है तो स्कूल छोड़ भी नहीं सकता है। इसलिए हिचकते हुए स्कूल जा रहा है। उसने घर में भी यह बात बताई है। माता-पिता ने इसके लिए स्कूल में जाकर बात की तो वहां से इस पर रोक लगाने का आश्वासन मिला।
Author: JAN TV Editorial Team
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