(India)
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने पेगासस स्पाइवेयर के कथित दुरुपयोग की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। अगस्त 2022 में न्यायालय द्वारा गठित तकनीकी समिति ने 29 मोबाइल फोन की जांच की थी, जिनमें से पांच में मैलवेयर पाया गया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह पेगासस था या नहीं।उच्चतम न्यायालय ने रिपोर्ट को गोपनीय रखने का फैसला करते हुए कहा कि इसमें संवेदनशील तकनीकी जानकारी है जिसे अगर सार्वजनिक किया गया तो उसका दुरुपयोग हो सकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा, जिन लोगों के फोन की जांच की गई थी, उनमें से कुछ ने भी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का विरोध किया है। न्यायमूर्ति आर.वी. रवींद्रन द्वारा की गई सिफारिशें, जो नागरिकों के निजता अधिकारों की रक्षा और साइबर सुरक्षा सुधारों से संबंधित हैं, सार्वजनिक की जा सकती हैं।
फैसले के बाद विपक्षी दलों और नागरिक अधिकार संगठनों ने अदालत से रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है, उनका कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए यह आवश्यक है।
Author: JAN TV Editorial Team
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