पंजाब:अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस पाकिस्तान भेजे जा रहे हैं नागरिक,कुछ महिलाओं की कहानी बेहद भावुक
(India) अटारी-वाघा सीमा से पाकिस्तान लौटने वाले नागरिकों की कहानियाँ कई भावनात्मक पहलुओं को उजागर करती हैं। खास तौर पर कुछ महिलाओं की स्थिति बेहद संवेदनशील और भावनात्मक रही है। ऐसी कई महिलाएँ हैं जो सालों से भारत में रह रही थीं - कुछ अपने बच्चों के साथ, कुछ अपने भारतीय पतियों के साथ। अब जब उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया, तो उनके लिए सिर्फ़ एक देश ही नहीं, बल्कि अपने रिश्ते, परिवार और आश्रय को भी पीछे छोड़ना पड़ा।

परिवार से बिछड़ने का दर्द – कई महिलाओं की शादी भारत में हुई थी और उनके बच्चे भारतीय हैं। उन्हें जबरन पाकिस्तान भेजना परिवार को दो हिस्सों में बाँट देता है।

संवेदनशील कानूनी स्थिति – बहुत सी महिलाओं के पास कानूनी दस्तावेजों की कमी होती है जिससे उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिलती, और उन्हें विदेशी घोषित किया जाता है।

मानवीय पहलू – कई महिलाएं बूढ़ी हैं, बीमार हैं या भारत में ही जन्मी थीं। उन्हें 'विदेशी' मानकर भेजा जाना मानवीय दृष्टि से सवाल खड़े करता है।

Author: JAN TV Editorial Team

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