नागरिक सुरक्षा क्षेत्र की पहचान: गृह मंत्रालय ने उन क्षेत्रों की पहचान की है जो आपदा संभावित हैं और जहां नागरिक सुरक्षा की आवश्यकता अधिक है।
प्रशिक्षण और संसाधन: इन क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा बलों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान किए जाएंगे ताकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी रूप से कार्य कर सकें।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका: स्थानीय प्रशासन को इन क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा के कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया में सुधार होगा।
राजस्थान के 28 सिविल डिफेंस जिलों में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य सिविल डिफेंस बलों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण और सुधार करना था। इस अभ्यास में भूकंप, बाढ़, आग और युद्ध जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई क्षमता का मूल्यांकन किया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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