(JHARKHAND, India)
नक्सली संगठन चलाने और हत्या की सुपारी व लेवी वसूलने के आरोप झेल रहे झारखंड के कृषि मंत्री योगेंद्र साव एक और विवाद में घिर गए हैं। 2001 के बेलतू में हुए नरसंहार में योगेंद्र साव के शामिल होने की बात भी सामने आई है। रांची से सटे हजारीबाग जिले के बेलतू में हथियारबंद माओवादियों ने 13 लोगों को मार डाला था। बताया जाता है कि ग्रामीणों का सर काटने के बाद नक्सलियों ने उससे फुटबॉल खेला था। झारखंड बनने के बाद राज्य में सामूहिक हत्या की यह सबसे पहली घटना थी। न्यायालय के रिकॉर्ड में बेलतू नरसंहार में शामिल द्वारिका सिंह और बिगन तुरी समेत कई माओवादियों के बयान दर्ज हैं। इन बयानों में योगेंद्र साव के भी नरसंहार में शामिल होने की बात कही गई है। वहीं, योगेंद्र साव ने इसे साजिश बताया है। झारखंड के कृषि मंत्री योगेंद्र साव के उग्रवादी संगठन झारखंड टाइगर ग्रुप से संबंध की सीआईडी जांच शुरू हो गई है। सोमवार को सीआईडी की टीम गिद्दी थाना क्षेत्र के बड़का चुंबा के उचरिंगा में पहुंची और मोहन सिंह के घर के पास उस स्थान का जायजा लिया, जहां से टाइगर ग्रुप के उग्रवादी गिरफ्तार किए गए थे।सीआईडी अफसरों ने इस दौरान मोहन सिंह समेत अन्य से पूछताछ की। यहां के बाद टीम सरगना राजकुमार गुप्ता के उरीमारी थाना क्षेत्र के चानो स्थित घर भी गए। परिजनों ने बताया कि राजकुमार पांच साल से नहीं आया है। टीम में सीआईडी एसपी तमिल वानन, डीएसपी, इंस्पेक्टर और दो अवर निरीक्षक शामिल थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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