(India)
भारत का खुद का तैयार किया हुआ यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस यानी (UPI), ये भारत में इतना भरोसेमंद है की तमाम लोगों ने घरों, दुकानों और जेबों में कैश रखना छोड़ दिया। लेकिन कभी- कभी UPI भारत के लोगों को धोखा भी दे देती है, जो लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। इस साल सबसे पहले 12 अप्रैल को जब लोगों ने Paytm, GPay, PhonePe जैसे एप्स से पेमेंट करना चाहा नहीं हुआ। कोई चाय पीने के बाद, समोसे खाने के बाद, सैलून में कटिंग करवाने के बाद घंटों पेमेंट करने के लिए बैठे रहे, लेकिन पेमेंट नहीं हुआ। ये ऐसे पिछेल 15 दिनों में तीसरी बार हुआ है। आपको बात दे की भारत में UPI से रोजाना 80 से 90 हजार करोड़ का लेन- देन होता है, ये ट्रांजैक्शन त्योहारों और शादी विवाह के सीजन में डबल हो जाता है। इसीलिए भारतीय UPI का दुनियाभर में धाक है। सबसे पहले 26 मार्च 2025 को करीब 3 घंटे के लिए UPI सर्विस डाउन रही। तब लोगों को गूगल पे, PhonePe और पेटीएम जैसे एप से अमाउंट ट्रांसफर करने में दिक्कतें हुईं। फिर 2 अप्रैल 2025: वित्त वर्ष 2025 के क्लोजिंग के चलते इस दिन देश के कई बैंकों की UPI और मोबाइल बैंकिंग सर्विसेज में समस्या आई थी। 12 अप्रैल 2025: सुबह 11:30 बजे से करीब 3-4 घंटे तक UPI सर्विस डाउन रही। लगातार UPI डाउन होने से लोगों को परेशानी और सरकार के राजस्व का नुकसान होता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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