(India)
वक्फ संशोधन एक्ट 2025 पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई का दूसरा दिन था। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस एक्ट पर 7 दिन के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून के अमल पर रोक नहीं लगाई है। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने दलील दी कि वक्फ बोर्ड में हिंदुओं को भी शामिल किया जाएगा, जो संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या वह हिंदू धार्मिक ट्रस्टों में मुसलमानों को शामिल करने के लिए तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान साफ कर दिया है कि वह सिर्फ पांच मुख्य आपत्तियों पर सुनवाई करेगा। इन आपत्तियों में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करना, वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण, विवादों के निपटारे की प्रक्रिया, बोर्ड के गठन की प्रक्रिया और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
केंद्र सरकार के इस कानून के खिलाफ 100 से अधिक याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 25, 26, 29, 30 और 300-ए के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी और अन्य मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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