(India)
केशवानंद भारती मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नाराजगी जताई है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि संसद द्वारा पारित कानून को अगर कोई अन्य संस्था निरस्त करती है तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का मानना है कि संसद की संप्रभुता को न्यायपालिका या कार्यपालिका कमजोर नहीं कर सकती। साथ ही साथ उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगर संसद द्वारा बनाया गया कानून न्यायालय द्वारा स्वीकृत होने के बाद ही कानून माना जाएगा तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं होगा। उपराष्ट्रपति ने 2015 में पारित न्यायिक जवाबदेही अधिनियम का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे सर्वोच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया था जो लोकतंत्र की संप्रभुता के खिलाफ है। उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से भारी मात्रा में नकदी मिलने के मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह घटना किसी राजनेता, नौकरशाह या उद्योगपति से जुड़ी होती तो संबंधित व्यक्ति तुरंत निशाना बन जाता। उन्होंने इस मामले में पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी व्यवस्था की जरूरत बताई।
Author: JAN TV Editorial Team
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