(India)
सीडीएसएल तथा एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार हालांकि विभिन्न नियमों के उल्लंघन तथा जुर्माना भुगतान नहीं होने के चलते व्यक्तिगत व कंपनी स्तर के लगभग 2000 डीमैट खातों पर रोक अब भी लगी है। सेंट्रल डिपाजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (सीडीएसएल) ने 31 जुलाई तक 1700 से अधिक डीमैट खातों पर रोक लगाई थी जिनमें से 400 खातों पर सेबी की कुर्की प्रक्रियाओं के तहत रोक लगाई गई। सेबी ने जुर्माना सहित अन्य राशि के भुगतान में चूक के कारण यह कदम उठाया था। इसी तरह नेशनल सिक्युरिटीज डिपाजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) ने सेबी के आदेशों के तहत 1900 से अधिक खातों पर रोक लगाई। एनएसडीएल व सीडीएसल, दोनों मिलकर लगभग 2.2 करोड़ खातों का प्रबंधन करती हैं। इन डिपाजिटरीज में निवेशकों के शेयर, डिबेंचर्स व बांड आदि प्रतिभूतियां इलेक्ट्रानिक रूप (डीमैट रूप) में रखी जाती हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।