(India)
आर्थिक गतिविधियों में सुधार और रझान बेहतर होने के बीच RBI ने आज कहा कि चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर बढ़कर 5.5% रहने की उम्मीद है जो पिछले वित्त वर्ष के दौरान 4.7% थी। RBI ने अपनी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, सरकार द्वारा घोषित नीतिगत कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से घरेलू मांग और आपूर्ति की स्थिति में ठोस सुधार के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा। RBI ने कहा कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों के रझान में सुधार हुआ है और कहा कि कंपनियों की बिक्री और कारोबार प्रवाह में हल्के सुधार के शुरूआती संकेत हैं। RBI ने कहा, वृद्धि में फिर से तेजी की संभावना में थोड़ा सुधार हुआ है, वर्ष 2014-15 में जीडीपी में 5.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है यह यह 5 से 6 प्रशितत के बीच है और इसे हासिल किया जा सकता है। विनिर्माण क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के कारण औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि मई में 19 महीने के उच्चतम स्तर 4.7% पर आ गई। भारत की निर्यात वृद्धि भी लगातार दूसरे महीने दहाई अंक में रही और जून में यह 10.22% रही। RBI ने कहा कि निर्यात वृद्धि में तेजी से विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को मदद मिलनी चाहिए। आरबीआई ने कहा कि निवेश में सुधार, अटकी पड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने, वाह्य मांग में तेजी और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत स्थिर होने से वृद्धि का अनुमान प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। वित्त मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 5.4-5.9% के दायरे में रहने की उम्मीद है।
Author: JAN TV Editorial Team
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