(Jodhpur, Rajasthan)
राजस्थान हाईकोर्ट में पिछले 65 दिनों से चली आ रही हडताल में नया घटना क्रम देखने को मिला। कल न्यायाधीश गोविन्द माथुर की चेतावनी के बाद पांचों अतिरिक्त महाधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट में उपस्थिति देकर आज से नियमित उपस्थिती देकर पैरवी करने की बात कही थी....लेकिन आज सुबह कोर्ट खुलते ही अतिरिक्त महाधिवक्ताओं ने इस्तीफे देकर हडताल में साथ देने का ऐलान किया। वहीं संघर्ष समिति के अनुसार 8 अतिरिक्त महाधिवक्ताओं ने इस्तीफे देकर हड़ताल का समर्थन किया है। बहरहाल... प्रदेश में न्याय प्रक्रिया पूरी तरह से ठप पडी है और बार और बैंच की लडाई तेज होती जा रही है ऐसे में बीच का रास्ता कब निकलेगा और हडताल कब खत्म होगी। यह कहना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। प्रदेश में वकीलों की हड़ताल से निपटने के लिए सरकार तैयारियां कर रही है। 64 दिनों से जारी वकीलों की हड़ताल से सरकारी प्रकरणों का निपटारा नहीं हो पा रहा है। वहीं... हाइकोर्ट की सख्ती के बाद विधि विभाग ने सरकारी वकीलों को हटाने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्य सचिव को भेजा है। प्रस्ताव के तहत पहले हड़ताल में शामिल वकीलों को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद हटाने की तैयारी की जाएगी। इसके लिए पूर्व में सुप्रीम कोर्ट के एक केस का हवाला दिया गया है। वहीं हाइकोर्ट प्रशासन की सख्ती से महाधिवक्ता ने सरकारी वकीलों से मामले पर चर्चा की। वकीलों के समर्थन में 8 अतिरिक्त महाधिवक्ताओं ने इस्तीफे दे दिए हैं। दूसरी ओर... वकीलों की ओर से पूर्व राजस्थान बार कौसिंल अध्यक्ष संजय शर्मा ने वकीलों की सनद रद्द करने की चेतावनी पर कहा कि यह हाइकोर्ट प्रशासन के हाथ में नहीं है। वहीं सरकारी वकीलों की नियुक्तियों का विरोध किया और अतिरिक्त महाधिवक्ताओं के इस्तीफे स्वीकार करने का विरोध करने की बात कही।
Author: JAN TV Editorial Team
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