(MAHARASHTRA, India)
चुनाव आयोग ने 13 जुलाई के आदेश में चव्हाण को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। आयोग ने इस बारे में 20 दिन के भीतर जवाब देने को कहा था कि क्यों न उन्हें इसके लिए अयोग्य ठहराया जाए। न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा कि चुनाव आयोग का 13 जुलाई 2014 का आदेश निरस्त किया जाता है। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में नांदेड़ संसदीय सीट से सांसद चव्हाण को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 20 दिन की समय दिया था। चव्हाण को (जन प्रतिनिधित्व) कानून एवं नियम के अनुरूप चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने का दोषी ठहराए जाने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस में चव्हाण से पूछा था कि पिछले विधानसभा चुनाव में खर्च का वास्तविक और सही ब्यौरा देने में विफल रहने पर क्यों न उन्हें अयोग्य ठहराया जाए।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।