(JAMMUandKASHMIR, India)
दफ्तर खुलने के समय सुबह साढ़े नौ बजे विभिन्न कार्यालयों वाले इस सिविल सचिवालय के मुख्य गेट पर 10 प्रतिशत से भी कम कर्मचारी काम पर पहुंचे। इस सचिवालय में लगभग 4000 कर्मचारी काम करते हैं। मुख्य दरवाजे पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा रखे गये उपस्थिति रजिस्टर पर कर्मचारियों ने अपना नाम दर्ज किया और अपने घरों को लौट गये। वन मंत्री मियां अलताफ अहमद सबसे पहले 11 बजे सुबह में वहां पहुंचे, जिसके बाद वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राठेर 11.20 मिनट पर और पर्यटन मंत्री गुलाम अहमद मीर 11 बज कर 30 मिनट पर वहां पहुंचे। हालांकि ये मंत्री भूतल पर पानी जमा होने के कारण सिविल सचिवालय में प्रवेश नहीं कर सके। यहां पर प्रवेश नहीं कर पाने पर वह राज्य विधानसभा परिसर चले गये और वहां रूके। वहां पर पानी सूख गया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को सिविल सचिवालय के 18 सितंबर से काम कर शुरू कर देने की घोषणा की थी और कर्मचारियों को काम पर आने का निर्देश दिया था। सचिवालय को ‘जल्दीबाजी’ में फिर से खोलने को लेकर कई कर्मचारियों ने सरकार की आलोचना की है। एक कर्मचारी बिलकीस ने कहा ‘हमसे कार्यालय पहुंचने को लेकर वे कैसे उम्मीद कर रहे हैं? भवन के भूतल पर अभी भी तीन फुट पानी लगा हुआ है।’ उन्होंने कहा कि सरकार को कम से कम कर्मचारियों को कार्यालय तक पहुंचने के लिए नौकाएं मुहैया करानी चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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