बसपा ने किया मौर्य के बयान से किनारा , बीजेपी ने की कार्रवाई की मांग
(BakshiKaTalab**, Lucknow) उधर, भाजपा ने इस मामले में मौर्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मायावती ने यहां कहा कि बसपा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के धर्म-निरपेक्षता के मूल सिद्धान्त के अनुरुप सभी धर्मो, सर्वसमाज के लोगों के रहन-सहन, शादी-विवाह, पूजा-पाठ तथा उनकी संस्कृति के तौर तरीकों का आदर करती है। उन्होंने कहा कि लखनउ में कल आयोजित एक कार्यक्रम में बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा पूजा-पाठ आदि के संबंध में कही गयी बातें उनकी अपनी निजी राय तथा प्रतिक्रिया है और उसे बसपा से नहीं जोड़ा जाना चाहिये। मायावती ने कहा कि बसपा दलितों, पिछड़ों, अगड़ी जातियों तथा धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों को साथ लेकर ‘‘समतामूलक समाज व्यवस्था’’ स्थापित करना चाहती है। गौरतलब है कि राज्य विधानसभा में बसपा और विपक्ष के नेता मौर्य ने कल लखनऊ में कर्पूरी ठाकुर भागीदारी महासम्मेलन में दलितों से अपील की थी कि वे शादी-ब्याह में गौरी-गणेश की पूजा ना करें। यह मनुवादी व्यवस्था में दलितों तथा पिछड़ों को गुमराह कर उनको शासक से गुलाम बनाने की चाल है । इस बीच, भाजपा के प्रांतीय प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने मौर्य के बयान पर कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि हार की हताशा के कारण बसपा नेता अब सामाजिक व्यवस्थाओं पर कुठाराघात करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं पर ढीली होती पकड़ ने बसपा नेताओं को एक बार फिर अगड़ी जातियों के प्रति घृणा और वैमनस्य के रास्ते पर जाने को मजबूर कर दिया है। पाठक ने कहा कि बसपा प्रमुख की मर्जी के बगैर पार्टी में एक पत्ता भी नहीं खड़कता। मायावती खुद कहती हैं कि उनकी पार्टी के नेता खुद उनका लिखा बयान ही पढ़ते हैं। ऐसे में मौर्य के बयान से बसपा की सोच उजागर होती है। उन्होंने कहा कि यह अगर वह वाकई मौर्य का निजी बयान है तो मायावती को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिये।

Author: JAN TV Editorial Team

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