इसके साथ ही कर्नाटक सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की सैलरी दोगुनी करने का अहम निर्णय लिया, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल और भी गरम हो गया। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह कदम सरकार की ओर से राजनीतिक फायदे के लिए उठाया गया है, खासकर आगामी चुनावों के संदर्भ में। बीजेपी ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ लाता है, जहां मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा अब और अधिक संवेदनशील बन चुका है। साथ ही, विधायकों की सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर भी विवाद उठने लगा है, जो सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता पक्ष की एक रणनीति हो सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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