कुंडली का ‘ग्रहण योग’ बढ़ा सकता है मानसिक तनाव, जानें कारण और उपाय
(India) ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में बनने वाला ग्रहण योग व्यक्ति के मानसिक संतुलन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। जब चंद्रमा और राहु एक साथ आते हैं, तो यह स्थिति मन में अस्थिरता, चिंता और नकारात्मक विचारों को बढ़ा सकती है। विशेष रूप से यदि यह योग कुंडली के तीसरे भाव में बने, तो व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी और निर्णय लेने में कठिनाई देखने को मिलती है।
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ऐसे लोग अक्सर बेचैनी, चिड़चिड़ापन और अकेलेपन का अनुभव कर सकते हैं। धीरे-धीरे यह स्थिति मानसिक तनाव या डिप्रेशन जैसी समस्याओं में बदल सकती है। हालांकि, ज्योतिष में इसके समाधान भी बताए गए हैं, जिनसे मन को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।
उपाय के तौर पर भगवान शिव की उपासना को विशेष लाभकारी माना गया है। खासकर सोमवार के दिन शिव पूजा, रुद्राष्टकम का पाठ और चंद्रमा धारण किए हुए शिव की प्रतिमा के सामने ध्यान करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। लगातार कुछ समय तक इन उपायों को अपनाने से मानसिक शांति और आत्मविश्वास में सुधार महसूस किया जा सकता है।

Author: JAN TV Editorial Team

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