आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक बैठकर काम करना, स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना, जंक फूड का अधिक सेवन, पर्याप्त नींद न लेना और मानसिक तनाव जैसी आदतें आम होती जा रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन कारणों के साथ हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, और मोटापा भी हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई जोखिम कारक एक साथ काम कर सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से—
हाई ब्लड प्रेशर, लगातार मानसिक तनाव , शारीरिक गतिविधि की कमी, अस्वास्थ्यकर और प्रोसेस्ड खान-पान, बढ़ता वजन और मोटापा, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल, पर्याप्त नींद न लेना, परिवार में हृदय रोग का इतिहास शामिल हैं।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करे |
हार्ट अटैक के दौरान सीने में दर्द, दबाव या जकड़न, सांस लेने में परेशानी, हाथ या कंधे में दर्द, जबड़े या गर्दन तक दर्द, अचानक पसीना आना, चक्कर और असामान्य कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
ऐसे लक्षण अचानक या गंभीर रूप से दिखाई दें तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञ संतुलित आहार लेने, नियमित शारीरिक गतिविधि करने, पर्याप्त नींद लेने और तनाव को नियंत्रित करने की सलाह देते हैं। धूम्रपान और तंबाकू से बचना भी महत्वपूर्ण है। साथ ही समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाना फायदेमंद हो सकता है।
खास बात: केवल शरीर से फिट दिखना हृदय के पूरी तरह स्वस्थ होने की गारंटी नहीं है। अपने जोखिम कारकों और स्वास्थ्य की नियमित जांच पर ध्यान देना जरूरी है।
Author: JAN TV Editorial Team
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